| 1 |
प्रोजेक्ट का नाम |
पेयजल एवं सीवरेज सेवाओं का विकास एवं विनियमन |
| 2 |
प्रोजेक्ट का संक्षिप्त विवरण |
उत्तर प्रदेश में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज सुविधाएं प्रदान करने के लिए 1927 में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की स्थापना की गई थी। वर्ष 1946 में इसका नाम बदलकर स्थानीय स्वशासन अभियांत्रिकी विभाग (एलएसजीईडी) कर दिया गया। 1975 में, उत्तर प्रदेश जल आपूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम, 1975 (अधिनियम संख्या-43, 1975) के माध्यम से इसे उत्तर प्रदेश जल निगम में परिवर्तित कर दिया गया। इस अधिनियम के अनुसार, जल निगम का अधिकार क्षेत्र पूरे उत्तर प्रदेश (छावनी क्षेत्र को छोड़कर) पर है। इस निगम की स्थापना का मूल उद्देश्य जल आपूर्ति एवं सीवरेज सेवाओं का विकास एवं विनियमन तथा इससे संबंधित मामलों का संचालन करना है। |
| 3 |
प्रोजेक्ट प्रारम्भ की तिथि |
विभाग अपने सृजन वर्ष 1927 से पेयजल एवं सीवरेज सेवाओं का विकास एवं विनियमन का कार्य कर रहा है। |
| 4 |
प्रोजेक्ट स्थापना/ योजना प्रारम्भ से वर्तमान माह तक लाभान्वित व्यक्तियों की कुल संख्या |
जल निगम (URBAN) एक कार्यदायी संस्था है जो नगर विकास विभाग से पेयजल एवं सीवरेज सेवाओं का विकास एवं विनियमन का कार्य करता है, जिससे प्रदेश की अधिकांश जनता लाभान्वित होती है। |
| 5 |
प्रोजेक्ट पर आवेदन की प्रक्रिया |
अधिकांश निर्माण कार्य सांसदों एवं विधायकों द्वारा प्रस्तावों के आधार पर शासन स्तर पर चयनित कर निर्माण हेतु स्वीकृत किये जाते हैं, जिसमें आवेदन प्रक्रिया का कोई प्राविधान प्रचलित नहीं है। |
| 6 |
लाभार्थियों की पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज |
जल निगम (URBAN) विभाग द्वारा प्रदेश स्तर पर स्वीकृत योजनाओं का निर्माण कार्य किया जाता है, जिसमें लाभार्थियों की पात्रता एवं दस्तावेज का नियम प्रचलित नहीं है । |
| 7 |
प्रोजेक्ट के लाभ/ धनराशि |
जल निगम (URBAN) विभाग द्वारा किसी तरह की धनराशि का वितरण नहीं किया जाता है। |
| 8 |
सम्बन्धित शासनादेश (G.O.) |
शासनादेश सं०-__________ दिनांक- __________ द्वारा विभाग की स्थापना की गयी। |